धर्मग्रंथ बनाम आधुनिक समाज: क्या धर्मग्रंथों की पुरानी व्याख्याएँ आज भी समानता, स्त्री अधिकार, मानवाधिकार और सामाजिक न्याय के सवालों का जवाब देती हैं? धर्म, सत्ता, बाजार और आधुनिक मूल्यों के टकराव पर तीखा विश्लेषण।
Source: धर्मग्रंथ बनाम आधुनिक समाज: क्या पुराने नियम 21वीं सदी के इंसान पर लागू हो सकते हैं?