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कॉकरोच की राजनीति: जब भाषा दमन, घृणा और अमानवीकरण का हथियार बन जाती है

  • PublishedMay 27, 2026

इतिहास हमें यह सिखाता है कि नरसंहार केवल बंदूकों, तलवारों या सैन्य अभियानों से शुरू नहीं होते। वे अक्सर शब्दों से शुरू होते हैं। किसी समुदाय को पहले भाषा के माध्यम से इंसान से कमतर साबित किया जाता है, उसकी गरिमा छीनी जाती है, और फिर उसके खिलाफ हिंसा को सामान्य तथा उचित ठहराया जाता जब लोगों को “कॉकरोच” कहा जाता है: अमानवीकरण, घृणा मनोविज्ञान, रवांडा नरसंहार, नाजी प्रचार और काफ्का की Metamorphosis का विश्लेषण।

Source: कॉकरोच की राजनीति: जब भाषा दमन, घृणा और अमानवीकरण का हथियार बन जाती है

Written By
SChandraLiterature

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